Roti Bnane Ke Niyam: भोजन बनाते समय इन खास बातों का रखें ख्याल, कभी नहीं करना पड़ेगा आर्थिक समस्याओं का सामना
Agro Haryana, नई दिल्ली: उत्तर भारत के राज्यों में रोटी भोजन का एक प्रमुख हिस्सा (a major part of a meal)है। हर घर में सुबह-शाम रोटी जरूर बनाई जाती है। हिंदू धर्म शास्त्रों में आटा गूंथने से लेकर रोटी बनाने और रोटी परोसने तक कई नियम बताए गए हैं। जिनका ध्यान रखा जाए तो व्यक्ति को बुरे दिनों का सामना नहीं करना पड़ता।
इन बातों का रखें ध्यान
आटा गूंथने और रोटी बनाने के लिए हमेशा साफ बर्तनों का ही इस्तेमाल करना चाहिए और न ही कभी रोटी बनाने के बाद तवे और बेलन को गंदा छोड़ना चाहिए। इन्हें तुरंत साफ करके रख दें। वरना लक्ष्मी मां नाराज हो सकती हैं।
इन्हें दे पहली रोटी
धर्म शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि हमेशा पहली रोटी गाय के लिए निकलनी चाहिए और आखिरी रोटी कुत्ते के लिए निकालनी चाहिए। इसलिए हमेशा पहली रोटी गाय को खिलाएं और आखिरी रोटी कुत्ते को खिलाएं।
बचे हुए आटे का क्या करें
बासी आटे की रोटी बनाना शुभ नहीं माना जाता। इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सही नहीं माना गया है। इसलिए कभी भी बासी आटे की रोटी न बनाएं। यदि आटा बच जाता है तो उसकी रोटी बनाकर कुत्ते को खिला सकते हैं।
दिशा का रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व है। ऐसे में रोटी बनाते समय भी दिशाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए। रोटी बनाते समय बनाने वाले का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। वहीं गैस चूल्हा रखने की सही दिशा (Right direction to keep gas stove) दक्षिण-पूर्व दिशा मानी गई है। इन बातों का ध्यान रखने पर मां अन्नपूर्णा की कृपा आपके ऊपर बनी रहती है।