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New Liquor Policy: अब हर कोई ले सकेगा शराब का ठेका, आबकारी नीति में हुए बड़े बदलाव

New Liquor Policy: शराब की दुकान को लेने के लिए अब नेता-प्रशासन में साँठ-गांठ की जरूरत नहीं होगी। जी हाँ, नई शराब नीति के तहत इस बार शराब की दुकानों के आवेदन से लेकर आवंटन तक सारी प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी तरीके से होगी। नई आबकारी पॉलिसी के तहत ये बड़े बदलाव देखने को मिले है।

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Wine Shop


 

Agro Haryana News, New Liquor Policy: नई आबकारी नीति 2025- 26 में कई अहम बदलाव देखने को मिले है। नई पॉलिसी के तहत अब इस साल शराब की दुकानों का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा व ऑनलाइन जी लॉटरी सिस्टम के जरिए दुकाने आवंटित होगी। शराब ठेकों के आवंटन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से इस बार की नई शराब नीति के तहत ये बड़े और अहम बदलाव देखने को मिले है। नई आबकारी नीति के तहत अब कोई भी शराब की दुकान के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। 



शराब ठेका लेने के लिए व्यक्ति को आबकारी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया हो गई है। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग ने इसके लिए 27 फरवरी तक आवेदन करने की तारीख रखी थी। उत्तर प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति 2025 के तहत शराब और भांग की फुटकर दुकानों के लाइसेंस के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो गई है।

इस दौरान 1,99,232 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए, जिससे सरकार को 1,066.33 करोड़ रुपये की प्रोसेसिंग फीस के रूप में राजस्व प्राप्त हुआ। अब इसके लिए 6 मार्च को  जिला अधिकारी की अध्यक्षता में निर्धारित स्थल पर पूरी प्रक्रिया संपूर्ण की जाएगी।  


यूपी प्रदेशभर में देशी मदिरा, कंपोजिट शॉप, मॉडल शॉप और भांग की दुकानों के आवंटन हेतु 14 फरवरी 2025 से ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई तथा 17 फरवरी 2025 से आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई।

27 फरवरी 2025 शाम 5 बजे तक आवेदन स्वीकार किए गए। राज्य में कुल 27,308 शराब दुकानों के नए सिरे से लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इस दौरान 1,99,232 आवेदन प्राप्त हुए, जिससे सरकार को 1,066.33 करोड़ रुपये की प्रोसेसिंग फीस मिली है।

आबकारी नीति 2025 की मुख्य बातें

  • शराब ठेकों के लाइसेंस के लिए ई-लॉटरी प्रणाली लागू की गई है।
  • देशी, विदेशी, बीयर और भांग की दुकानों के लिए अलग-अलग लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं।
  • आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की रखी गई, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
  • आबकारी विभाग की ओर से शराब की न्यूनतम कीमतों को स्थिर रखा है।
  • राजस्व बढ़ाने के लिए नई मॉडल शॉप्स को भी बढ़ावा दिया गया है।
  • अवैध शराब के उत्पादन पर रोक और बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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