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New Hyperloop Train: जयपुर और दिल्ली के बीच दौड़ेगी हाइपर लूप ट्रेन, 1100 किलोमीटर प्रतिघंटा की होगी रफ्तार

New Hyperloop Train: देश की राजधानी दिल्ली व राजस्थान की राजधानी जयपुर के बीच 1100 किलोमीटर की रफ्तार से हाइपरलूप ट्रेन चलाने पर काम चल रहा है। इसके लिए ट्रेक बिछाया जा रहा है जिसके बाद दिल्ली व जयपुर के बीच की दूरी महज 30 मिनट में तय किया जा सकेगा।
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Delhi Jaipur Hyperloop Train

Agro Haryana News, New Hyperloop Train: भारत में हाइपर लूप जैसी एडवांस ट्रेन भी चलने के लिए अब तैयार हो रही है। इस ट्रेन के लिए मुंबई से अहमदाबाद के बीच नए ट्रेक को बिछाने को लेकर काम चल रहा है। ये ट्रेन 1100 किलोमीटर की टॉप स्पीड के साथ चल सकेगी। फ़िलाहाल इस समय इस रेल की रफ्तार 450 किमी/प्रतिघंटा है। 

हाइपरलूप सिस्टम के जरिए यह ट्रेन 1100 किलोमीटर प्रतिघण्टा की टॉप स्पीड पकड़ पाएगी जिससे दिल्ली से जयपुर का सफर महज 30 मिनतार में पूरा कर लिया जाएगा। दिल्ली से जयपुर के बीच का ट्रेक 422 किलोमीटर लंबा होगा होगा जिसे आईआईटी मद्रास ने तैयार किया है। संस्थान को रेलवे फंडिंग दे रहा है।


केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हाइपरलूप रेलवे ट्रेक प्रोजेक्ट (hyperloop railway track project) भविष्य में रेलवे यातायात को और अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रेलवे मंत्री ने कहा कि हाइपरलूप टेक्नॉलोजी के व्यावसायिक प्रयोग के लिए IIT मद्रास को रेलवे की तरफ से 8.71 करोड़ रुपये का अनुदान मुहैया करवाया गया है।

रेल यातायात के मामले में यह एक नई क्रांति होगी। इतनी तेज का हवाई जहाज भी नहीं चल रहा है। केवल लड़ाकू विमानों की गति ही इतनी तेज है। हाइपरलूप तकनीक (hyperloop technology) में ट्रेन को विशेष ट्यूब की मदद से टॉप स्पीड पर चलाया जाएगा।

खंभों के ऊपर पारदर्शी ट्यूब बिछाई जाएंगी। इसके अंदर लंबी बोगी हवा में तैरते हुए चलेगी। इसमें जरा भी घर्षण नहीं होता, इसलिए इसकी गति इतनी तेज होगी।

यह ट्रेन चुंबकीय तकनीक (train magnetic technology) से लैस ट्रेक पर चलेगी। इसकी वजह से बिजली की खपत भी बेहद कम होगी, जिसकी वजह से यह पर्यावरण के भी अनुकूल है। जो लोग का सफर करना पसंद करते हैं, उनको ट्रेन का सफर करने में काफी आनंद आने वाला है।

इतनी तेज गति से ट्रेन के चलने से यह एक प्रकार से विश्व रिकार्ड भी होगी। हाइपरलूप ट्रेक पर ट्रायल होने के जल्द ही आसार हैं। यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो इस तकनीक का बड़े पैमाने पर भारत के अन्य हिस्सों में किया जा सकेगा।

इससे यातायात का सफर ही अलग प्रकार से होगा। भारत पहला देश होगा जो इस हापरलूप सिस्टम (hyperloop system) का इस्तेमाल करेगा। अभी तक यह तकनीकी किसी भी देश में नहीं है।

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