Agro Haryana

New Rules: खाने-पीने की चीजों से एक-एक ग्राम की वसूली जाएगी कीमत, 1 जनवरी से लागू हुए नए नियम

New Rules: बढ़ती महंगाई के कारण लोगों की जेब पर काफी असर पड़ रहा है. कई बार लोगों को थोक का समान लेना भी महंगा पड़ता है. हाल ही मिली जानकारी के मुताबिक आपको बता दें कि सरकार ने नए नियम लागू कर दिए गए है. जिससे अब धोखाधड़ी जल्द बंद हो जाएगी. अब एक-एक ग्राम की कीमत वसूली जाएगी. आइए जानते है इस अपडेट के बारें में...
 | 
खाने-पीने की चीजों से वसूली जाएगी कीमत, कल से नए नियम हुए जारी
Agro Haryana, Digital Desk- नई दिल्ली: अक्सर ऐसा होता है कि हम बिस्कुट लेने जाते हैं एक, लेकिन ऑफर के लालच में एक से ज्यादा का पैक उठा लाते हैं. उस समय हमारी नजर कीमत पर तो जाती है.

लेकिन बिस्कुट के वजन पर गौर नहीं करते. यहीं पर कंपनियां आपके साथ खिलवाड़ करती हैं और आपको कई बार थोक में सामान लेने पर भी महंगा पड़ता है. खैर अब इस तरह की कथित लूट या धोखाधड़ी जल्द बंद हो जाएगी.

सरकार ने आपको इससे बचाने की पूरी तैयारी कर ली है. अब आप खरीदे जाने वाले सामान के एक-एक ग्राम की कीमत वसूल सकेंगे.जी हां, उपभोक्ता के मामलों के मंत्रालय ने अब देश में डिब्बा बंद सामान पर उसकी कीमत सिंगल यूनिट में लिखना अनिवार्य कर दिया है. 

इसका मतलब ये हुआ कि अगर आपने किसी पैकेज्ड सामान का 100 ग्राम का पैक खरीदा है, तो उस पर उस सामान की प्रति ग्राम में भी कीमत लिखी होगी.

इससे ग्राहकों को सामान की वास्तविक वैल्यू, छोटी पैकिंग और बड़ी पैकिंग के दाम में अंतर का पता चल सकेगा. इससे वह खरीदारी को लेकर बेहतर फैसला कर पाएंगे.

1 जनवरी से अनिवार्य हुआ नियम-

कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय के सेक्रेट्री रोहित कुमार सिंह का कहना है कि अब से सभी डिब्बा बंद या पैकेज्ड सामान पर कंपनियों को उनकी मैन्यूफैक्चरिंग की तारीख और उनका प्रति ग्राम या यूनिट प्राइस लिखना अनिवार्य होगा.

अगर कोई कंपनी खुद से मैन्यूफैक्चरिंग नहीं करती, बल्कि किसी सामान का इंपोर्ट करती है. तो उसे इंपोर्ट की सही तारीख पैकेट पर ही मेंशन करनी होगी.

उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित सिंह का कहना है कि पैकेट बंद सामान की सेल अलग-अलग मात्रा की पैकेजिंग में की जाती है. इसलिए ये जरूरी हो जाता है कि ग्राहकों को डिब्बा बंद सामान के हर ग्राम या यूनिट की असली कीमत के बारे में पता हो. 

वहीं सामान के उत्पादन के महीने की बजाय सही तारीख प्रिंट होने से ग्राहकों को ये पता होगा कि असल में वह सामान कितना पुराना है. इन सबकी जानकारी से ग्राहकों के पास इंफॉर्म्ड डिसीजन लेने का ऑप्शन होगा. एक-एक ग्राम या यूनिट की वैल्यू लिखी होने से ग्राहकों को बड़ी और छोटी पैकिंग में से चुनाव करना आसान हो जाएगा.

इस तरह काम करेगा नियम-

अगर आप ऐसा कोई पैकेज्ड सामान लेने जा रहे हैं जिसका कुल वजन 1 किलोग्राम से कम है, तब उस पर प्रति ग्राम की कीमत अलग से मेंशन होगी.

जबकि एक किलोग्राम से ऊपर की पैकिंग पर प्रति किलो के हिसाब से सामान का रेट लिखा होगा. सभी पैकेज्ड सामान पर एमआरपी यानी मैक्सिमम रिटेल प्राइस भी मेंशन होगा.

WhatsApp Group Join Now

Around The Web

Latest News

Trending News

You May Also Like