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Joint Home Loan: अब पति पत्नी के नाम से होम लोन लेना हो सकता है आसान, मिलेगी ये सुविधा

Joint Home Loan: आप भी अपना घर खरीदने का प्लान बना रहें है तो ऐसे में बजट न होने के कारण होम लोन लेना पड़ता है. अगर आपका होम लोन कन्फर्म नहीं हो रहा है तो आप अपने परिवार के सदस्य के साथ मिलकर होम लोन लेना और भी आसान हो सकता है. आइए जानते है ज्वाइंट होम लोन लेने पर कौन-कौन सी सुविधा मिलेगी... 
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अब पति पत्नी के नाम से होम लोन लेना हो सकता है आसान
Agro Haryana, Digital Desk- नई दिल्ली: अगर आप घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, और आपको होम लोन (Home Loan) लेने की जरूरत भी पड़ती है. किसी कारण के चलते आपका क्रेडिट स्कोर बैंक के मुताबिक सही नहीं है. 

तो आपका लोन होना मुश्किल हो जाता है. लोन के लिए क्रेडिट स्कोर (Credit Score) अच्छा होना बेहद जरूरी है. अगर आप बैंक के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा नहीं कर पा रहे है. 

तो आपके पास ज्वाइंट होम लोन का शानदार विकल्प है. इसके ज़रिए आप अपनी उधार लेने की क्षमता को बढ़ा सकते है. हालांकि इसके कुछ फायदे और नुकसान भी हैं.

ऐसे कर सकते है अप्लाई-

अगर आप अपने परिवार के सदस्यों या माता-पिता, पति या पत्नी, पुरुष बच्चे या एक साथ रहने वाले भाइयों के साथ ज्वाइंट होम लोन (Joint Home Loan) ले सकते हैं. इसमें प्रॉपर्टी में को-बॉरोअर का को-ओनर होना अनिवार्य नहीं है.

ये है फायदे-

ज्वाइंट होम लोन में आप बैंकों से ज्यादा लोन ले सकते है. ये जरूरी है कि दोनों ही लोग बैंक की बुनियादी पात्रता मानदंडों को पूरा करें. 
किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान से लोन लेने में असफल होने के कई कारण हो सकते हैं. इसमें आपको खराब क्रेडिट स्कोर, अपर्याप्त इनकम मुख्य कारण हो सकता है. 

ज्वाइंट होम लोन में तय सीमा के अंदर धारा-24 और धारा-80 सी के तहत टैक्स डिडक्शन बेनिफिट हासिल कर सकता है. 

ज्वाइंट लोन लेने वाले 1.5 लाख रुपये और 2 लाख रुपये के टैक्स बेनिफिट का फायदा उठा सकते हैं.

आयकर अधिनियम के अनुसार कुल मिलाकर 7 लाख रुपये का बेनिफिट आपको मिल सकता है.

ये है नुकसान-

सभी फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स के कुछ फायदे और नुकसान हो सकते हैं. इसी तरह ज्वाइंट होम लोन में भी कुछ कमियां हैं.

अगर एक को-बॉरोअर (Co-brother) समय पर होम लोन ईएमआई चुकाने में विफल रहता है, तो दोनों बॉरोअर्स के क्रेडिट स्कोर प्रभावित होते हैं.

अगर को-बॉरोअर्स के बीच कोई विवाद होता है, तो इसका नतीजा दोनों को भुगतना पड़ सकता है.

अगर एक बॉरोअर EMI का भुगतान नहीं करता है, तो इसका नुकसान दोनों को होगा.

अगर लोन पति-पत्नी द्वारा एक साथ लिया है. इसके बाद में तलाक हो जाए, तो इसमें कानूनी विवाद हो सकता है जिसे हल करने में लंबा समय लग सकता है.

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