Agro Haryana

CIBIL Score हुआ खराब, तो लोन के साथ नौकरी से भी धोना पड़ेगा हाथ, जारी हुआ ये नियम

CIBIL Score- बैंक से जब भी लोग लोन लेते है तो सबसे पहले इनका सिबिल स्कोर चेक किया जाता है. आपका सिबिल स्कोर अच्छा नहीं होगा   तो लेना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल लोन लेने के लिए नहीं बल्कि नौकरी के लिए भी जरूरत पड़ती है. नहीं तो परीक्षा पास होने के बाद भी आपको नौकरी नहीं मिलेगी. आइए जानते है इन नियमों के बारें में...
 | 
CIBIL Score हुआ खराब, तो लोन के साथ नौकरी से भी धोना पड़ेगा हाथ
Agro Haryana, Digital Desk- नई दिल्ली: जब भी आप कभी बैंक लोन या क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए गए होंगे आपने क्रेडिट स्कोर का नाम जरूर सुना होगा. 

लेकिन अब लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए ही नहीं बल्कि क्रेडिट स्कोर की जरुरत आपको नौकरी के लिए भी पड़ने वाली है. अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा नहीं है तो एग्जाम पास करने के बावजूद भी आपको नौकरी नहीं मिलेगी. आइए जानते हैं क्या है पूरा माजरा…

नहीं मिलेगी नौकरी!

दरअसल, अभी तक आपको क्रेडिट स्कोर की जरुरत लोन या कार्ड लेने के लिए ही पड़ती थी. लेकिन अब नौकरी के लिए आपका क्रेडिट स्कोर बेहतरीन होना बहुत जरुरी है. यह बात किसी प्राइवेट कंपनी की नहीं हो रही.

बल्कि सरकारी बैंकों ने अपने आवेदकों को सिर्फ खराब क्रेडिट स्कोर की वजह से बाहर का रास्ता दिखा दिया. बैंक जैसे वित्तीय संस्थानों का मानना है कि एक कर्मचारी तभी बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग कर सकता है.

जब वह खुद इसका महत्व समझता होगा. इसके लिए बैंकों ने बाकायदा मानक बनाने शुरू कर दिए हैं. अगर तय मानक से कम क्रेडिट स्कोर रहेगा बैंक ऐसे कैंडिडेट की एप्लीकेशन को रिजेक्ट कर दिया जाएगा.

ये है पूरा मामला-

जॉब पोर्टल टीमलीज के वाइस प्रेसिडेंट धृति प्रसन्न महंता का कहना है कि बैंकों के लिए सिलेक्शन प्रोसेस वाली संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन (IBPS) ने अपनी रिक्रूटमेंट पॉलिसी में बदलाव किया है. बैंकों को अब ऐसे अप्लीकेंट चाहिए जिनका क्रेडिट स्कोर एक मानक को पूरा करता हो.

कितना क्रेडिट स्कोर होगा जरुरी-

बैंकों ने कहा है कि जिन आवेदकों का क्रेडिट स्कोर 650 से नीचे है, उन्हें बैंक पीओ यानी प्रोबेशनरी ऑफिसर और क्लर्क पद के लिए योग्य नहीं माना जाएगा. बैंकों का मानना है. 

कि उनके पास काफी संवेदनशील फाइनेंशियल जानकारियां होती हैं और इसे हैंडल करने के लिए वित्तीय रूप से जिम्मेदार ट्रैक रिकॉर्ड वाले कर्मचारियों की जरूरत है.

विदेशी बैंकों ने भी शुरू की प्रक्रिया-

डिजिटल लेंडिंग कंसल्टेंट पारिजात गर्ग के मुताबिक, न सिर्फ भारतीय बैंकों बल्कि मल्टीनेशनल कंपनियों ने भी अपने यहां हायरिंग में सिबिल स्कोर को देखना शुरू कर दिया है. सिटीबैंक, ड्यूश बैंक, टी-सिस्टम जैसे संस्थान भी नौकरी देने के लिए सिबिल स्कोर देख रहे हैं.

WhatsApp Group Join Now

Around The Web

Latest News

Trending News

You May Also Like