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Gold-Silver Price Today: कम कीमत होने के बाद भी आसमान पर पहुंच गए सोने के रेट, जानिए क्या है इसकी वजह

Gold-Silver Price Today: रोजाना सोने चांदी की कीमतों में उतराव-चढ़ाव देखने को मिलते है. हाल ही मे मिली रिपोर्ट से पता चला है सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट हुई है. फिर भी सोने के रेट आसमान को छू गए है. आइए जानते है क्या है इसकी वजह...
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कम कीमत होने के बाद भी आसमान पर पहुंच गए सोने के रेट
Agro Haryana, Digital Desk- नई दिल्ली: लगातार बढ़त के बाद में आज गोल्ड और चांदी (Gold-Silver Price) दोनों ही धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. 

इस गिरावट के बाद में गोल्ड का भाव (Gold Price Today) गिरकर 64,000 के नीचे आ गया है. दिल्ली सर्राफा बाजार में आज सोना सस्ता हो गया है. ग्लोबल मार्केट से आ रहे नरम रुख की वजह से घरेलू बाजार में भी सोना सस्ता हो गया है. HDFC Securities ने इस बारे में जानकारी दी है. 

आपको बता दें आज राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोना (Gold-Silver Price Today) 230 रुपये की गिरावट के साथ 63,970 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. 

वहीं, इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 64,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. इसके अलावा चांदी की कीमत भी 400 रुपये की गिरावट के साथ 78,400 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई. इससे पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 78,800 रुपये प्रति किलो पर थी. 

MCX पर फिसला गोल्ड

अगर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज की बात की जाए तो यहां पर गोल्ड का भाव  (Gold-Silver Price Today) 1.12 फीसदी की गिरावट के साथ 62551 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है. इसके अलावा चांदी का भाव 2.19 फीसदी की गिरावट के साथ 72475 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ. 

ग्लोबल मार्केट में फिसला भाव

इंटरनेशनल मार्केट में सोना गिरावट के साथ 2,059 डॉलर प्रति औंस और चांदी गिरावट के साथ 23.60 डॉलर प्रति औंस रही. 

क्या है एक्सपर्ट की राय?

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा है कि डॉलर सूचकांक में आई मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में तेज बढ़ोतरी के बाद सोने की कीमतों पर दबाव आया.

जिंस बाजार में सोना हाजिर 2,059 डॉलर प्रति औंस पर रहा. यह वैश्विक बाजारों में पिछले बंद भाव से 14 डॉलर कम है. फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की दिसंबर बैठक का ब्योरा बुधवार को जारी होने वाला है.

इसके अलावा अमेरिकी नौकरियों के शुरुआती आंकड़ें जारी होने वाले है. ऐसे में कारोबार आक्रामक सौदों के लिए दांव लगाने संभवत बचे हैं. एफओएमसी के ब्योरे से नीतिगत दर को लेकर रुख अधिक स्पष्ट हो सकेगा.

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