Agro Haryana

Tenant And Land Lord Rights: संपति पर कब्जे के बाद किराएदार को मालिकाना हक मिलेगा या नहीं, आप भी जान लिजिए ये कानून

Tenant And Land Lord Rights: आजकल सभी लोग पैसा कमाने के लिए अपनी संपति को किराए पर देता है। अक्सर कई लोग अपनी प्रोपर्टी को किराए पर देकर लंबे समय तक उसे संभालते नहीं है। जिससे किराएदार प्रोपर्टी पर अपना अधिकार जमा लेता है। ऐसे में किराएदार को संपति पर कब्जे के बाद हक मिलेगा या नहीं, आइए नीचे आर्टिकल में  इस कानून के बारे में जानते है पूरी जानकारी-
 | 
Tenant And Land Lord Rights: संपति पर कब्जे के बाद किराएदार को मालिकाना हक मिलेगा या नहीं, आप भी जान लिजिए ये कानून

Agro Haryana, Digtal Desk- नई दिल्ली: आमतौर पर जब लोगों के पास घर या कोई कमर्शियल प्रॉपर्टी खाली रहती है तो उसे किराए पर दे देते हैं। जब भी कोई मकान मालिक अपनी प्रॉपर्टी को किराए पर देता है तो उसे डर रहता है कि कहीं किराएदार कुछ साल यहां रहने के बाद उसके घर पर कब्जा ना कर लें।

ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई किराएदार करीब 12 साल तक किराए से प्रॉपर्टी में रहता है तो वो उस पर अपना हक जता सकता है और कब्जा भी कर सकता है। कई बार इसी तरह के मसले शायद आपने अपने आस पास भी देखे होंगे।

अब सवाल यह बनता है कि क्या ये बाते सही हैं? क्या सही में ऐसा कोई नियम है कि कुछ साल बाद किराएदार संपत्ति पर हक जता सकता है या फिर ये बातें गलत हैं? आइए आज किराएदार और मकान मालिक से जुड़े इन जरूरी नियमों को ही जानते हैं।

 इन्हे जानने के बाद आप आसानी से अपना घर किराए पर दे सकते हैं। एक किराएदार और मकान मालिक को कुछ नियमों के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है।

कब्जे के बाद क्या किराएदार को मिलेगा मालिकाना हक- 

कानून के जानकारों के मुताबिक, अगर देखा जाए तो किराएदार किसी की भी प्रॉपर्टी पर हक नहीं जमा सकता है। किराएदार का मालिक की प्रॉपर्टी पर कोई हक नहीं है। लेकिन, इसका मतलब ये भी नहीं है कि वो ऐसा नहीं कर सकता है। 

यह अलग अलग परिस्थितियों पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में किराए पर रहने वाला व्यक्ति उस पर अपना हक जाहिर कर सकता है। ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के मुताबिक, एडवर्स पजेशन में ऐसा नहीं होता है। 

इसमें जिस पर प्रॉपर्टी का कब्जा होता है। वहीं बेचने का अधिकारी भी होता है। किरायदार को इस बात को साबित करना होगा कि 12 सालों से लगातार घर में उसका कब्जा है। कब्जा करने वाले किरायदार को टैक्स रसीद, प्रॉपर्टी डीड गवाहों के एफिडेविट आदि की भी जरूरत होती है।

किराएदार प्रॉपर्टी पर कब कर सकता है कब्जा - 

अब हम आपको बता रहे हैं कि आखिर एडवर्स पजेशन क्या होता है? अगर कोई 11 साल से ज्यादा समय से रह रहा है तो वो उस प्रॉपर्टी पर अधिकार जमा सकता है। 

इसके उलट अगर कोई किराएदार है और मकान मालिक समय-समय पर रेंट एग्रीमेंट बनवा रहा है तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी। इस स्थिति में कोई भी व्यक्ति उनकी संपत्ति पर कब्जा नहीं कर सकता है।

प्रॉपर्टी पर कब्जा होने के बाद क्या करें? 

अपने घर को किराए पर देने वाले मकान मालिक को सलाह दी जाती है कि वो समय पर रेंट एग्रीमेंट बनवाते रहें। ऐसा करने से आपके पास एक सबूत के तौर पर रहेगा कि आपने अपनी प्रॉपर्टी किसी दूसरे व्यक्ति को किराए पर दे रखी है।

इस स्थिति में कोई भी किरायेदार उस प्रॉपर्टी का मालिक नहीं हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, लिमिटेशन ऐक्ट 1963 के अंतर्गत निजी अचल संपत्ति पर लिमिटेशन की वैधानिक अवधि 12 साल है। 

वहीं सरकारी अचल संपत्ति के मामले में यह अवधि 30 साल की है। बता दें कि अगर किसी व्यक्ति ने अचल संपत्ति पर 12 साल से अधिक समय से कब्जा कर रखा है तो कानून भी उसी व्यक्ति के साथ है।

WhatsApp Group Join Now

Around The Web

Latest News

Trending News

You May Also Like