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Oyo Hotel: यूपी में ओयो होटल चलाने वालों पर गिरेगी गाज, सरकार ने रातों रात बदल दिए नियम

Oyo Hotel: सरकार ने होटल-लॉज में आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। यूपी में अब ओयो होटल चलाने वालों पर गाज गिरती दिखाई देने वाली है। सरकार ने ये नियम रातोंरात बदल दिए है।  

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यूपी में ओयो होटल चलाने वालों पर गिरेगी गाज, सरकार ने रातों रात बदल दिए नियम 

Agro Haryana, Digital Desk- नई दिल्ली: गली-मोहल्लों से लेकर शहर के बाहर सूनसान में बने होटल-लॉज अब मनमर्जी से नहीं चल सकेंगे। ऐसे होटल-लॉज में आपराधिक घटनाओं व गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। अब होटल-लॉज व आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली ऐसी अन्य इकाइयों के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा। 

पंजीकरण की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराए जाने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का प्राविधान भी किया गया है। इन इकाइयों का पंजीकरण अलग पोर्टल के माध्यम से होगा, जो निवेश मित्र पोर्टल से जुड़ा होगा।

विनियम-2023 को स्वीकृति मिली

सराय अधिनियम 1867 की धारा 13 के तहत राज्य सरकार की विनियम बनाने की शक्ति का प्रयोग करते हुए कैबिनेट ने मंगलवार को उप्र होटल व अन्य पूरक आवास (नियंत्रण) विनियम-2023 को स्वीकृति दी है, जिसके बाद अब बिना पंजीकरण के संचालित ऐसे भवनों पर शिकंजा कसेगा। 

कर्मचारियों का विवरण करना होगा साझा

प्रदेश में आवास इकाई के पंजीकरण के लिए पोर्टल विकसित किया जाएगा, जिसे निवेश मित्र पोर्टल से एकीकृत भी किया जाएगा। पोर्टल के माध्यम से आवास इकाई का संचालन करने वाले सभी आगंतुकों का नाम, पहचान पत्र, चेक इन-चेक आउट की तिथि के साथ पता साझा करेंगे।

ऐसे ही सभी कर्मचारियों के नाम-पता, पहचानपत्र व अन्य विवरण भी साझा करने होंगे। पंजीकरण के बिना किसी इकाई का संचालन नहीं होगा। पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आवेदन की तिथि से 45 दिनों के भीतर सक्षम अधिकारी इकाई का पंजीकरण करेगा।

45 दिनों की इस अवधि के भीतर आवेदन पर निर्णय न होने की दशा में उसे डीम्ड पंजीकरण समझा जाएगा। ऐसे में पीड़ित आवेदक को अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष पुनरीक्षण दायर कर सकेगा। अपीलीय प्राधिकारी का निर्णय अंतिम होगा। 

प्रवेश द्वार पर ही लगाना होगा प्रमाणपत्र

विनियम में अनिवार्य आवश्यकताओं का प्राविधान भी किया गया है, जिसके तहत प्रतिष्ठान के मुख्य प्रवेश द्वार पर सक्षम अधिकारी द्वारा जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करना होगा। आगंतुक से पूरा विवरण लिए व रजिस्टर में प्रविष्टि के बिना उसे रहने की सुविधा प्रदान नहीं की जाएगा। 

आवास इकाई के प्रवेश व निकास के सभी बिंदुओं, रिसेप्शन व पार्किंग क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगवाना अनिवार्य होगा। सीसीटीवी फुटेज को न्यूनतम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना भी अनिवार्य होगा। आवास इकाई में पर्यवेक्षक/प्रबंधक की उपस्थित भी अनिवार्य होगी।

विनियम के तीन बार उल्लंघन पर निरस्त होगा पंजीकरण

विनियम के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई का भी प्राविधान किया गया है। आवास इकाई को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के साथ ही उसे सुनवाई का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।

अनिवार्य औपचारिकताओं का जानबूझकर उल्लंघन किए जाने पर सराय अधिनियम 1867 के अनुरूप अर्थदंड लगेगा। ऐसे ही तीन बार जानबूझकर विनियम में निर्धारित अनिवार्य औपचारिकताओं का उल्लंघन करने पर संबंधित इकाई का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त होगा। 

आवास इकाई को सक्षम अधिकारी द्वारा पारित ऐसे सभी आदेशों के विरुद्ध अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष एक पुनरीक्षण याचिका दायर करने का अधिकार होगा पर अपीलीय अधिकारी का निर्णय अंतिम होगा। अपीलीय अधिकारी पुनरीक्षण याचिका का निस्तारण 45 दिनों में करेंगे।

पर्यवेक्षण के लिए होंगी राज्य व जिला स्तर की समितियां

अधिनियम तथा इस विनियम के अधीन किसी कार्यवाही के नियमित पर्यवेक्षण, समीक्षा व उससे संबंधित मामलों के निस्तारण तथा प्रबंधन के लिए दो समितियां गठित होंगी। इनमें डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पर्यवेक्षण समिति तथा प्रमुख सचिव, गृह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय पर्यवेक्षण समिति होगी।

एक साल में 114 घटनाएं आईं सामने

बिना पंजीकरण के संचालित होटल-लॉज में कई अनैतिक व आपराधिक मामले सामने आ चुके हैं। एक वर्ष में ऐसे लगभग 114 घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी।

आपराधिक घटनाओं के अलावा पर्याप्त सुरक्षा-प्रबंध न होने की वजह से आग की घटनाएं भी हुई। ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए सरकार अब निर्धारित नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित कराएगी।

 
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