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ED की छापेमारी में मिला नोटों का पहाड़, गिनते-गिनते खराब हुई 6 मशीनें, अब भी इतना कैश बाकी

Jharkhand note : कल रांची में छापेमारी के बाद नोटों के पहाड़ की कुछ तस्वीरे सामने आई है। इतना कैश की 12 घंटे के बाद भी हिसाब किताब लगाना मुश्किल हो गया है। नोटों को गिनते-गिनते 6 मशीनें भी खराब हो गई है और अभी भी बहुत कैश गिनना बाकी रह गया है।    

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ED की छापेमारी में मिला नोटों का पहाड़, गिनते-गिनते खराब हुई 6 मशीनें, अब भी इतना कैश बाकी 

Agro Haryana, Digital Desk- नई दिल्ली: सोमवार को रांची में ईडी की छापेमारी में नोटों का पहाड़ मिली है। जो तस्वीरे सामने आई है उनका 12 घंटो बाद भी हिसाब किताब नहीं लगाया गया है। 

छह महीनों से लगातार सुबह और शाम कैश काउंटिंग का काम चल रहा है। शाम करीब 5 बजे तक 30 करोड़ की गिनती हो चुकी थी, लेकिन अब भी बड़ी मात्रा में नोटों की ऐसी गड्डियां बांकी हैं, जिनको नहीं गिना गया है। फाइनल आंकड़ा 40 से 50 करोड़ तक जाने की उम्मीद है।

कहना है कि छह मशीनों से शाम से लगातार गिनती हो रही है। लगातार काम करने से कुछ मशीनें खराब हो गई है। अब उनकी जगह पर नई मशीनें लगाई गई है। 

बताया जा रहा है कि कैश काउंटिंग और छापेमारी में बरामद की गई संपत्तियों को हिसाब-किताब लगाने में ईडी और बैंक अधिकारियों को अभी काफी मेहनत करनी होगी। जिस कमरे से नोटों का यह पहाड़ मिला है वह जहांगीर खान नाम के एक शख्स का है।

जहांगीर संजीव लाल एक नौकर है, लेकिन उसके पास कुबेर के खजाने जितना पैसा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलमगीर आलम  और झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री के नीचे संजीव लाल काम करता है। 

ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच करते हुए ईडी ने करीब आधा दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की है। जहांगीर के घर पहुंची ईडी की टीम को तलाशी के आधे घंटे के भीतर इतना कैश मिला कि देखकर सभी हैरान रह गए

सरकारी योजनाओं में गड़बडी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में राम को पिछले साल गिरफ्तार भी किया गया था। कहा जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी ने ईडी के सामने ये बात कही थी कि जो रिश्वत की रकम वह लेता था वह आगे कई लोगों तक पहुंचाता था।  

ईडी ने इसकी जानकारी राज्य सरकार को दे दी थी, लेकिन फिर भी कोई एक्शन नहीं लिया गया है। इतना कैश मिलने के बाद अब मंत्री आलमगीर आलम भी रिमांड पर है। हालांकि, आलमगीर आलम ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनका पीएस एक सरकारी कर्मचारी है जो पहले भी दो मंत्रियों का पीएस रह चुका है।

 
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