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Indian Railway : देश में 12,343 करोड़ रुपए की लागत से बदलेगी रेलवे की तस्वीर, इन राज्यों को मिलेगा बड़ा फायदा

Indian Railway : रेल यात्रियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी. दरअसल भारतीय रेलवे की छह मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी दे दी है. जिसके बाद 12,343 करोड़ रूपये की लागत से इन 6 राज्यों और 18 जिलों के इन प्रोजेक्टों पूरा करने का लक्ष्य तय किया है.चलिए जानते है इस खबर को विस्तार से... 
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देश में 12,343 करोड़ रुपए की लागत से बदलेगी रेलवे की तस्वीर

Agro Haryana, New Delhi: यात्रियों की यात्रा को आसान बनाने के लिए कैबिनेट ने भारतीय रेलवे की छह मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी दे दी है. इसका मकसद तेल आयात को कम करने और CO2 उत्सर्जन को कम करने  और रसद लागत को कम करना है.

कैबिनेट के इस फैसले से भीड़भाड़ में कमी आएगी. इसके अलावा रेल यातायात में बढ़ोत्तरी होगी. सरकार के मुताबिक इस परियोजना की लागत लगभग 12,343 करोड़ रुपए होगी. ये प्रोजेक्ट 2029-30 तक पूरा हो जाएगा.

भीड़ भाड़ होगी कम, 6 राज्यों के 18 जिलों को कवर करेगा प्रोजेक्ट 

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. इसमें 100 फीसदी फंडिंग केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी.

मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्तावों से परिचालन में आसानी होगी और भीड़भाड़ कम होगी, जिससे भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों पर आवश्यक ढांचागत विकास उपलब्ध होगा.

6 राज्यों यानी राजस्थान, असम, तेलंगाना, गुजरात, आंध्र प्रदेश और नागालैंड के 18 जिलों को कवर करने वाली 6 (छह) परियोजनाएं भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को 1020 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी. 

पीएम गति शक्ति से जुड़ेगा प्रोजेक्ट, मिलेगी निर्बाध कनेक्टिविटी

सरकार द्वारा दी गई जानकारी का मुताबिक ये प्रोजेक्ट मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का नतीजा है. ये लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए बिना रुके एक निर्बाध कनेक्टिविटी देगी.

सरकार के मुताबिक ये खाद्यान्न, खाद्य पदार्थ, उर्वरक, कोयला, सीमेंट, लोहा, स्टील, फ्लाई-ऐश, क्लिंकर, चूना पत्थर, पीओएल, कंटेनर आदि के ट्रांसपोर्टेशन के लिए जरूरी मार्ग हैं.

इस प्रोजेक्ट के जरिए क्षमता विस्तार के काम से अतिरिक्त 87 MPTA (मिलियन टन प्रति वर्ष) कार्गो प्राप्त होगा. पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन का साधन होने के नाते, रेलवे जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत, तेल आयात और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा.

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