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Ghaziabad News: यूपी के इस जिले में बनेगा औद्योगिक हब, 500 एकड़ जमीन होगी एक्वायर

Ghaziabad News: एक रिपोर्ट के अनुसार आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में सरकार एक नया प्रोजेक्ट शुरु करने जा रही है। जिसमे यहां औद्योगिक हब बनाए जाने की तैयारी चल रही है। जिसके लिए अब 500 एकड़ जमीन पर अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरु कर दी गई है। आइए नीचे अधिक जानें...
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यूपी के इस जिले में बनेगा औद्योगिक हब, 500 एकड़ जमीन होगी एक्वायर
Agro Haryana, Digital Desk- नई दिल्ली:  यूपीसीडा ने अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

इसके पूरा हो जाने के बाद ले-आउट प्लान (नक्शा) बनाकर औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने का काम शुरू किया जाएगा। इस औद्योगिक क्षेत्र के विकसित हो जाने के बाद जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो जाने के कारण ऐसे उद्यमियों के उद्योग लगाने का इंतजार खत्म हो जाएगा, जो जमीन न मिल पाने के कारण अपनी योजना को धरातल पर नहीं उतार पा रहे थे।

दिल्ली-देहरादून ग्रीन एक्सप्रेसवे का मिलेगा फायदा

लोनी क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो जाने के बाद लगने वाले उद्योगों को दिल्ली-देहरादून ग्रीन एक्सप्रेसवे का भी फायदा मिलेगा। ट्रॉनिका सिटी के पास से ही इस एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है।

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया वर्ष 2024 तक दिल्ली से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक इस ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा करने का प्रयास कर रही है। इसके चालू हो जाने से उद्योगों तक माल लाने और ले जाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिल जाएगी।

निवेशकों के सामने रखा विकल्प

25 जनवरी को गाजियाबाद में आयोजित किए गए इन्वेस्टर्स समिट में जिला प्रशासन ने निवेशकों के सामने लोनी क्षेत्र में विकसित किए जाने वाले नए औद्योगिक क्षेत्र को विकल्प के रूप में पेश किया।

डीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है कि निवेशकों को उद्योग लगाने के लिए जमीन की दिक्कत नहीं होगी। पचायरा और आलियाबाद में विकसित किए जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र के अलावा भी वह मास्टर प्लान के हिसाब से उद्योगों के लिए जमीन सीधे किसानों से भी खरीद सकेंगे।

यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक सीके मौर्य का कहना है कि लोनी में पचायरा और आलियाबाद में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही ले-आउट प्लान बनाकर मुख्यालय भेजा जाएगा। जमीन आवंटन की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर से की जाएगी।

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