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Farmer's News: हरियाणा के 31 फीसदी किसानों को नहीं मिलेगा MSP का लाभ, जानिए इसकी वजह

Farmer Yojna: जैसे की आप सभी जानते हैं किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार उन्हे बहुत सी सुविधाएं देती है। लेकिन हाल ही में मिली एक जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि सरकार द्वारा दी जाने वाली इस सुविधा में हरियाणा के 31 फीसदी किसानों को MSP का लाभ नही मिलेगा। चलिए जानते हैं इसके पीछे की असली वजह-
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Farmer's News: हरियाणा के 31 फीसदी किसानों को नहीं मिलेगा MSP का लाभ, जानिए इसकी वजह

Agro Haryana, Digtal Desk- नई दिल्ली: देश की सरकार ने किसानों का फायदा पहुंचाने और उन्हें किसी भी नुकसान से बचाने के लिए फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था चलाई जो काफी सालों से चल रही है.

केंद्रीय सरकार फसलों की मिनिमम कीमत तय करती है जिसे एमएसपी या फिर न्यूनतम समर्थन मूल्य कहा जाता है. हरियाणा में कुल रबी फसल क्षेत्र का लगभग 68.4 प्रतिशत राज्य सरकार के मेरी फसल मेरा ब्योरा (MFMB Portal) पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है. 

इससे पंजीकृत क्षेत्र के किसान अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेच पाएंगे. हालांकि, अपंजीकृत क्षेत्र के 31.6 प्रतिशत किसानों को  एमएसपी का लाभ नहीं मिलेगा.

राज्य सरकार ने किसानों के लिए एमएफएमबी पोर्टल पर अपनी फसलों का पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है. हालांकि पंजीकरण के काम को अब बंद कर दिया गया है, क्योंकि सरकार ने 26 मार्च से सरसों और 1 अप्रैल से गेहूं की उपज का खरीद सीजन शुरू करने जा रही है.

एक रिपोर्ट के अनुसार , कृषि विभाग द्वारा सामने आए आंकड़ों के अनुसार, इस साल 10,52,338 किसानों ने कुल 89,85,431 एकड़ क्षेत्र में से 61,45,937 एकड़ रबी फसल क्षेत्र का पंजीकरण कराया है.

अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने एक किसान के लिए एक दिन में 25 क्विंटल सरसों की खरीद की सीमा तय की है. यदि किसान की उपज 25 क्विंटल से अधिक है तो उसे अगले दिन फसल खरीद के लिए लानी होगी.

2,275 रुपए प्रति क्विंटल की दर से हो रही गेहूं की खरीद

सरकार की इस प्रक्रिया के मुताबिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन (Registration on portal) नंबर दिखाने पर ही किसानों को एमएसपी के लिए वैध माना जाएगा. फिर, कर्मचारी इसे रिकॉर्ड में जांचेगा. इसके बाद, किसान को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) मिलेगा.

ओटीपी दिखाने के बाद किसान को गेट पास जारी कर दिया जाएगा. जानकारी के अनुसार, आज से राज्य भर के 104 खरीद केंद्रों पर 5,650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सरसों की खरीद (purchase of mustard) की जाएगी. सरकार ने 1 अप्रैल से 2,275 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद के लिए राज्य भर में 414 खरीद केंद्र स्थापित किए हैं. 

इतने  मीट्रिक टन होगा सूरजमुखी का उत्पादन

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल हरियाणा ने लगभग 63 लाख मीट्रिक टन (LMT) गेहूं खरीदा था. इस वर्ष सरसों का अनुमानित उत्पादन 14 लाख मीट्रिक टन से अधिक है.

इसी तरह सूरजमुखी का 50,800 मीट्रिक टन, चने का 26,320 मीट्रिक टन, जबकि ग्रीष्मकालीन मूंग का 33,600 मीट्रिक टन उत्पादन होने की संभावना है. 

चूंकि हरियाणा में फसल खरीद काफी हद तक परेशानी मुक्त रहती है. इसलिए व्यापारी राज्य में बेचने के लिए दूसरे राज्यों से भी अनाज लाते हैं, जिससे व्यवस्था में गड़बड़ी होती है. 

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