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Chanakya Niti: इन 5 गुणों वाली महिला के कदम पड़ते ही घर बन जाता है स्वर्ग

Chanakya Niti In Hindi:आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में आदर्श महिला के बारें में जिक्र किया है चाणक्य ने कहा है कि लड़की लक्ष्मी का रूप हेती है जिस भी घर में जाती है वह घर स्वर्ग बन जाता है चाणक्य के अनुसार इन 5 गुणों वाली महिला सबसे आदर्श मानी जाती है जिस भी घर में जाती है वह घर स्वर्ग बना देती है. आइए जानते है कि एक आदर्श औरत में क्या - क्या गुण होने चाहिए...
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इन 5 गुणों वाली महिला के कदम पड़ते ही घर बन जाता है स्वर्ग 
Agro Haryana, Digital Desk- नई दिल्ली: आचार्य चाणक्य ने महिला के गुणों के बारे में भी वर्णन किया है. चाणक्य नीति (Chanakya Niti In Hindi) में स्त्रियों के गुणों पर बड़ी ही सूक्ष्मता से प्रकाश डाला गया है. समाज के निर्माण में स्त्रियों की भूमिका का बहुत ही महत्वपूर्ण भी माना गया है.

स्त्री को प्रथम शिक्षक भी कहा गया है. जो लोग स्त्री को अबला समझते हैं वे स्त्री के गुणों से परिचित ही नहीं है. चाणक्य ने स्त्री के इन गुणों के बारे में बताया है.

चाणक्य के अनुसार जिस स्त्री में ये पांच गुण होते हैं वह स्त्री श्रेष्ठ कहलाती है. आइए जानते हैं कि स्त्रियों के बारे में क्या कहती है आचार्य चाणक्य की चाणक्य नीति-

दया और विनम्रता: जिस स्त्री के पास दया और विनम्रता होती है. वह सदैव सम्मान प्राप्त करती है. जो स्त्री अपने क्रोध पर काबू नहीं कर पाती है वह अपना तो नुकसान करती ही है साथ पूरे परिवार को भी हानि पहुंचाती है. इसलिए स्त्री को दया और विनम्रता जैसे गुणों को अपनाना चाहिए.

धर्म का पालन: स्त्री को धार्मिक होना चाहिए. ईश्वर और प्रकृति पर उसका विश्वास होना चाहिए. धर्म पर आस्था रखने वाली स्त्री अच्छे और बुरे का अंतर आसानी से समझ लेती है. प्रकृति की पूजा करने से संतुलन का ज्ञान होना होता है.

संचय करने की प्रवृत्ति: स्त्री का यह गुण आज के आधुनिक समय में बहुत ही जरूरी है. स्त्री को धन संचय का अच्छा ज्ञान होना चाहिए. चाणक्य ने कहा है कि विपत्ति आने पर ही मित्र और पत्नी की परीक्षा होती है. इसका अर्थ ये है कि जो स्त्रियां धन की बचत करती हैं उनहें विपत्ति आने पर कष्ट नहीं होता है. उनके परिवार को कोई हानि नहीं होती है.

वाणी की मधुर: स्त्री की वाणी बहुत ही मधुर होनी चाहिए. स्त्रियों को कड़वे वचन नहीं बोलने चाहिए इससे उनकी शोभा खराब होती है. कटु वचन बोलने वाली स्त्री सुंदर होने के बाद भी कुरुप के समान है.

साहस: चाणक्य के अनुसार स्त्रियों में पुरुषों के तुलना में छह गुना साहस होना चाहिए. स्त्रियों को समय आने पर हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए.

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