Agro Haryana

Bank Locker New Rules : 1 अप्रैल से बदल जाएंगे बैंक लॉकर के नियम, RBI ने जारी किया आदेश

Bank Locker New Rules : आजकल के समय में हर व्यक्ति अपने कीमती सामान को सुरक्षित रखने के लिए बैंक लॉकर का इस्तेमाल करता है. लेकिन हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक लॉकर के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है. चलिए जानते हैं खबर को विस्तार से...
 | 
Bank Locker New Rules : 1 अप्रैल से बदल जाएंगे बैंक लॉकर के नियम, RBI ने जारी किया आदेश 

Agro Haryana, New Delhi : मौजूदा समय में हर कोई अपने कीमती सामान को लॉकर में रखता है। इससे आपके सामान की सेफ्टी रहती है। ऐसे में बैंक लॉकर एक पॉपुलर ऑप्शन हो सकता है। बैंक लॉकर आपकी कीमती चीजों के लिए एक सेफ और नियंत्रित महौल देता है।

काफी सारे बैंक वह पब्लिक सेक्टर हो या फिर प्राइवेट सेक्टर के हो, ग्राहकों को लॉकर सुविधा देते हैं। इसके बदले में बैंक को निर्धारित शुल्क देते हैं। बहराल काफी सारे नियम हैं जिनके बारे में जानना आपके लिए सहीं है।

जानकारी के लिए बता दें हाल ही में बैंकों में कुछ नियमों में बदलाव भी किया गया है। ऐसे में आपको अपडेट रहना काफी जरुरी है। चलिए हम इस लेख के जरिए इससे जुड़ी जरुरी बातों के बारे में जान लेते हैं।

केवाईसी कराना है जरुरी

बैंक लॉकर के लिए आवेदन करते समय आपको बैंक में से केवाईसी प्रोसेस को पूरा कराना काफी जरुरी है। ईकेवाईसी के बिना बैंक लॉकर के लिए परमीशन नहीं देते हैं।

केवाईसी के होने से लॉकर को रेंटर पर लेने वाले ग्राहकों की सारी डिटेल होती है और जब वह लॉकर एक्सेस करता है तो इसकी जानकारी मिलती है इससे पारदर्शिता भी रहती है।

लॉकर साइज और टाइप

बैेंक आपकी आवश्यकता और उपलब्धि के अनुसार लॉकर को ऑफर करते हैं तो इस बात का ध्यान हमेशा रखें कि लॉकर वहीं चुनें जो कि अपनी आवश्यकताओं के हिसाब से ठीक हो।

नॉमिनी भी है जरुरी

बैंकों ने एक नॉमिनी का नाम जरुरी कर दिया है जो कि ग्राहकों की गैरमौजूदगी में लॉकर तक एक्सेस कर सकता है। इससे एक्सेस का ट्रांजैक्शन के बिना किसी भी परेशानी के हो सकता है।

लॉकर का रेंट

जब कभी आप बैंक लॉकर के लिए आवेदन कर रहे हों तो लॉकर के लिए पेमेंट फ्रीक्वेंसी और रेंटल चार्ज को अच्छी तरह से जरुर समझें। बैंक की ओप से लॉकर के रेंट और टाइमली भुगतान की पॉलिसी को जरुर समझ लें।

एग्रीमेंट कराना है जरुरी

बैंक लॉकर पाने से पहले बैंक के साथ में आपको एक एग्रीमेंट करना होता है। ये एग्रीमेंट नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप पेपर पर होना चाहिए। इन कागजों में जरुरी शर्तें होती है। इसे आपको अच्छी तरह से पढ़ना चाहिए। एग्रीमेंट में लॉकर एक्सेस का प्रोसेस, एक्सेस टाइम और पहचान होना चाहिए। लॉकर कब तक वैलिड है ये भी होना चाहिए।

चोरी या फिर आग लगने पर मिलेगा मुआवजा

अधितक बैंक लॉकर की सेफ्टी के साथ-साथ लॉकर में रखें सामानों के इंश्योरेंस भी पेश करते हैं। ये इंश्योरेंस चोरी या फिर आग की स्थिति में लॉकर में रखें और सामानों की रक्षा करते हैं। इसलिए इंश्योरेंस कवरेज को अच्छे से समझ लें।

WhatsApp Group Join Now

Around The Web

Latest News

Trending News

You May Also Like