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CIBIL Score: इन 7 कारणों से खराब हो जाता है आपका CIBIL Score, नहीं मिलता लोन

 CIBIL Score: आपके क्रेडिट स्कोर को देखकर कंपनी ये तय करती है कि आपको लोन मिलेगा या नहीं। आपको बता दें कि लोन नहीं भरने के सिवा भी कई ऐसे कारण होते हैं जिसकी वजह से आपका सिबिल स्कोर खराब हो जाता है और आपको लोन नहीं मिलता। आइए जानते हैं-

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CIBIL Score: इन 7 कारणों से खराब हो जाता है आपका CIBIL Score, नहीं मिलता लोन 

Agro Haryana, Digital Desk- नई दिल्ली: क्रेडिट स्कोर से ही यह तय होता है कि कोई बैंक या फाइनेंस कंपनी आपको लोन देगी या नहीं। दरअसल क्रेडिट स्कोर बैंकों और फाइनेंस कंपनियों की निगाह में आपका साख निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जब एक कस्टमर के रूप में आप किसी भी प्रकार के लोन के लिए बैंक या नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों के समक्ष आवेदन करते हैं तो ये संस्‍थान आपको लोन देने से पहले आपके क्रेडिट स्कोर कर मूल्यांकन करते हैं।

क्रेडिट स्कोर के आधार पर ही यह तय होता है कि किसी व्यक्ति को कितना लोन दिया जा सकता है। और तो और क्रेडिट स्कोर लोन पर देय ब्याज दर को भी प्रभावित करता है। इसके अलावा, यदि आपका क्रेडिट स्कोर कम है तो बैंक या एजेंस‌ियां आपको लोन देने से इनकार भी कर सकती हैं।

बैंक संबंधी लेनदेन में सात ऐसी लापरवाहियां हैं, जिनमें हमारे क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करने की क्षमता होती है। इससे पहले कि क्रेडिट स्कोर खराब हो, आप भी समझ लीजिए कि ये लापरवाहियों आप भी तो नहीं कर रहे।

ईएमआई मिस करना-

अगर आप अपने लोन की ईएमआई का पेमेंट मिस करते हैं तो आप पर न केवल जुर्माना लगाया जाता है बल्कि यह लोन चुकाने में आपकी असमर्थता का भी संकेत देता है।

किसी लोन हिस्ट्री का न होना-

अगर कोई एक्टिव लोन अकाउंट या क्रेडिट कार्ड नहीं है तो बैंक या कपंनियों के पास ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे आपके क्रेडिट स्कोर को समझ सके। दरअसल, आपके पास कोई क्रेडिट हिस्ट्री ही नहीं है, जिसके आधार पर बैंक या कपंनियां लोने देने का निर्णय ले सकें

कार्ड इस्तेमाल न करना-

आपके पास क्रेडिट कार्ड है मगर आप उसका इस्तेमाल नहीं करते हैं तो ऋणदाता आपके र‌िपेमेंट पैटर्न का पता नहीं लगा पाएंगे। क्रेडिट कार्ड का उपयोग न करने से आपके क्रेडिट स्कोर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

लोन के बारे में पूछताछ-

लोन के बारे में बहुत अधिक पूछताछ करना आपको ऋणदाताओं की निगाह में एक रिस्की कैंड‌िडेट बना देता है। अगर आप एक से ज्यादा बार लोन संबंधी पूछताछ करते हैं तो आपके लोन पाने के चांस कम हो जाते हैं, क्योंकि ऋणदाता इसे हाई क्रेडिट रिस्क का संकेत संकेत मानते हैं, जिससे लोन मिलने की संभावना प्रभावित होती है।

बहुत सारे कार्ड और लोन-

बहुत सारे अनसिक्योर्ड लोन और कई क्रेडिट कार्ड रखना कस्टमर की फिजूल खर्ची का संकेत माना जाता है। कई क्रेडिट कार्ड रखने की एक समस्या यह भी होती है कि आपको प्रत्येक कार्ड के लिए हर महीने पेमेंट मेंटेन करना पड़ता है। पेमेंट में चूक या लेट पेमेंट के कारण आपका क्रेडिट स्कोर कम हो जाता है।

ईएमआई विकल्प का उपयोग-

क्रेडिट कार्ड की पेमेंट को किस्तों में बदलना रिपेमेंट कैपेसिटी से अधिक खर्च करने का संकेत देता है।

मोलभाव कर सेटलमेंट करना-

लोन लेने वाले को न केवल मूलधन बल्कि अर्जित ब्याज और ऋणदाता की ओर से लगाए गए किसी भी आकस्मिक शुल्क का भी भुगतान करना होता है। समय पर बकाया चुकाना लोन लेने वाले का प्राथमिक दायित्व है और ऋणदाता को पूरी राशि वसूल करने का अधिकार है।

हालांकि, असाधारण परिस्थितियों के मामले में लोन लेने वाला ऋणदाता से एकमुश्त निपटान के लिए अनुरोध कर सकता है, जिस पर ऋणदाता लोन लेने वाले को बकाया राशि से कम राशि चुकाने की अनुमति दे देता है। 

हालांकि बाद में लोन लेने वाले की क्षमता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। अगर आपने अपना लोन चुकाने के लिए किसी ऋणदाता से बातचीत की है, तो यह आपके क्रेडिट स्कोर के लिए अच्छा नहीं है।

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