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7th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, अब 3 महीने बाद DA होगा zero

7th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। कर्मचारी काफी समय से महंगाई भत्ता का इंतजार कर रहे है। हाल ही में सरकार ने DA को बढ़ाने का ऐलान किया है जिसके बाद कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता 50 प्रतिशत हो जाएगा। आइए नीचे खबर में जानते है सरकार के इस फैसले के बारे में-   

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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, अब 3 महीने बाद DA होगा zero   

Agro Haryana, Digital Desk- नई दिल्ली : सरकार ने वादा किया था की कर्मचारियों के DA को बढ़ा दिया जायेगा और सरकार ने ऐसा किया भी, केंद्र सरकार की तरफ से जनवरी 2024 के लिए महंगाई भत्ता (DA Hike) बढ़ाकर 50 फीसदी हो चुका है.

लेकिन, आज कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर आई है। सरकार ने बताया है की जुलाई 2024 से मिलने वाला महंगाई भत्ता शून्य (0) से कैलकुलेट होगा. लेकिन, इसके नंबर्स जनवरी से जून के बीच AICPI इंडेक्स के आधार पर तय होंगे.

जनवरी AICPI का नंबर फरवरी में रिलीज कर दिया गया था. इसके मुताबिक, महंगाई भत्ते (Dearness allowance) में 1 फीसदी का उछाल आ चुका है.

मतलब 51 फीसदी हो गया है. लेकिन, फरवरी AICPI इंडेक्स का नंबर अभी तक जारी नहीं हुआ है. ऐसे में सवाल ये कि क्या इसे शून्य करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है? 

बेसिक सैलरी में मर्ज होगा 50% DA

सरकार ने साल 2016 में 7वां वेतन आयोग लागू करते वक्त महंगाई भत्ते (DA) को शून्य कर दिया था. नियमों के मुताबिक, महंगाई भत्ता (da hike big news) जैसे ही 50 फीसदी तक पहुंचेगा, इसे शून्य कर दिया जाएगा और 50 फीसदी के अनुसार जो पैसा भत्ते के रूप में कर्मचारियों को मिल रहा होगा, उसे बेसिक सैलरी (basic salary) यानि न्यूनतम सैलरी में जोड़ (da merger basic salary) दिया जाएगा.

मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18000 रुपए है तो उसे 50 फीसदी DA का 9000 रुपए मिलेगा. लेकिन, 50 फीसदी DA होने पर इसे बेसिक सैलरी में जोड़कर फिर से महंगाई भत्ता शून्य कर दिया जाएगा. मतलब बेसिक सैलरी का रिविजन होकर 27,000 रुपए हो जाएगी. 

क्यों 0 होगा महंगाई भत्ता?

जब भी नया वेतनमान लागू किया जाता है कर्मचारियों को मिलने वाले DA को मूल वेतन में जोड़ दिया जाता है. जानकारों का कहना है कि यूं तो नियम कर्मचारियों को मिलने वाले शत-प्रतिशत डीए (da hike latest news) को मूल वेतन में जोड़ना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाता.

वित्तीय स्थिति आड़े आती है. हालांकि, साल 2016 में ऐसा किया गया. उससे पहले साल 2006 में जब छठा वेतनमान आया तो उस समय पांचवें वेतनमान में दिसंबर तक 187 प्रतिशत DA मिल रहा था.

पूरा डीए मूल वेतन में मर्ज दिया गया था. इसलिए छठे वेतनमान का गुणांक 1.87 था. तब नया वेतन बैंड और नया ग्रेड वेतन भी बनाया गया था. लेकिन, इसे देने में तीन साल लग थे. 

 
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