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2024 Cheque Bounce Rules: चेक बाउंस होने पर जेल और मुकदमा कब होता है? जान लें क्या है नियम

2024 Cheque Bounce Rules: आज के डिजिटल जमाने में कई लोग ऐसे हैं जो चेक का इस्तेमाल करते हैं। आपको बता दें कि चेक बाउसं होने पर आप पर मुकदमा भी दायर किया जा सकता है। इसी के साथ ही आपको जेल भी हो सकती है, लेकिन ऐसा कब होता है आइए जानते हैं इसके सभी नियम-

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2024 Cheque Bounce Rules: चेक बाउंस होने पर जेल और मुकदमा कब होता है? जान लें क्या है नियम 
Agro Haryana, Digital Desk- नई दिल्ली: अगर आप इन बातों का ध्यान नहीं रखते हैं। ऐसे में आपको कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में चेक के जरिए पेमेंट करते समय कई सावधानियों को बरतना जरूरी है। अगर आप चेक से पेमेंट करते समय जरा सी भी गलती करते हैं। 

ऐसे में आपका चेक बाउंस हो सकता है। चेक बाउंस होने पर आपको जुर्माना भरना पड़ता है। कुछ मामलों में तो मुकदमा तक दर्ज हो जाता है। ऐसे में आपको जेल तक जाना पड़ सकता है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से - 

क्यों होता है चेक बाउंस?

चेक बाउंस होने के कई बड़े कारण हैं। अक्सर चेक बाउंस होने की जो मुख्य वजहें हैं। उनमें अकाउंट में बैलेंस न होना या कम होना, सिग्नेचर का बदलना, गलत अकाउंट नंबर, शब्द लिखते समय किसी गलती का होना, ओवर राइटिंग आदि वजहें शामिल हैं। 

चेक बाउंस हो जाए, तो क्या होगा?

अगर आपका चेक बाउंस हो जाए। इस स्थिति में आपको जुर्माना भरना पड़ता है। हालांकि, चेक बाउंस होने की अलग-अलग वजहों से जुर्माने की रकम भी अलग-अलग होती है। 

इसमें जुर्माने की रकम 150 रुपये से लेकर 800 रुपये तक हो सकती है। आपको शायद ही इस बारे में पता होगा कि भारत में चेक बाउंस होना अपराध है। चेक बाउंस नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 के अंतर्गत चेक बाउंस होने की स्थिति में व्यक्ति के ऊपर मुकदमा चलाया जा सकता है। 

इसमें व्यक्ति को 2 साल की जेल, चेक में भरी राशि का दोगुना जुर्माना या दोनों लग सकता है। गौरतलब बात है कि ऐसी स्थिति तभी जन्म लेती है, जब चेक देने वाले व्यक्ति के खाते में पैसे न हों या बैंक चेक को डिसऑनर कर दे। 

ऐसा होने पर एकदम ही मुकदमा नहीं हो जाता है। बैंक लेनदार को इसकी राशीद भेजता है। इसमें चेक बाउंस होने की वजह का जिक्र होता है। ऐसा होने के बाद लेनदार को 30 दिनों के भीतर देनदार को नोटिस भेजना होता है।

अगर 15 दिन के भीतर कोई जवाब नहीं आता है। इस स्थिति में लेनदार मजिस्ट्रेट अदालत में इसकी शिकायत दर्ज करा सकता है। अगर ऐसा करने के बाद भी आपका पैसा नहीं मिलता है। इस स्थिति में आप संबंधित व्यक्ति पर केस दर्ज कर सकते हैं।

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